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The Shepherd Boy and the Wolf: भेड़िया आया की कहानी

by | Feb 24, 2021 | Lok Kathaye, Moral Stories For Kids In Hindi

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The Shepherd Boy and the Wolf: भेड़िया आया की कहानी: हेलो मित्रों कैसे हैं आप लोग| चलिए आज की कहानी शुरू करता है|

यह काफी पुरानी बात है किसी गांव में एक चरवाहा रहा करता था। चरवाहा तो समझते ही होंगे आप लोग, अर्थात ऐसा व्यक्ति जिसके पास ढेर सारे जानवर होते हैं । तथा गांव के अन्य लोग भी कभी-कभी अपने जानवर चराने का काम एक व्यक्ति विशेष को दे देते हैं। इस चरवाहे के पास भी काफी सारे जानवर थे,चरवाहे ने जानवरों को चराने का कारण अपने बेटे को दे रखा था।

चरवाहे का बेटा बहुत शरारती था, परंतु जब वह जानवरों को चराने के लिए गांव के पास के मैदान में जाता था, तो वह पूरा दिन अकेले उन जानवरों के साथ उड़ जाता था। कुछ दिन तो उसने जानवरों को आराम से चढ़ते हुए देखा, लेकिन कुछ समय बाद उसके मन में कई तरह की शैतानियां करने का विचार आने लग गया। अतः उसने अपने मनोरंजन के लिए एक उपाय सोचा, उसने सोचा कि अगर वह जोर-जोर से “भेड़िया आया भेड़िया आया”, ऐसी आवाज लगाते हुए, गांव की ओर भागेगा तो गांव के सभी लोग अपना काम छोड़कर उस भेड़ियों को  ढूंढने चारागाह की तरफ आएंगे। और यहां आने पर उन्हें कोई भेड़िया तो मिलेगा नहीं, इस प्रकार गांव वालों को मूर्ख बनाने में बड़ा ही आनंद आएगा।

ऐसा विचार उसके मन में आते ही वह लड़का खुश हो गया और उसमें तुरंत ही अपनी इस योजना पर काम करना शुरू कर दिया। उसमें दुनिया भर के घबराहट को अपने चेहरे पर लाकर, पूरी गति से गांव की ओर “भेड़िया आया भेड़िया आया” चिल्लाते हुए भागना शुरू कर दिया। गांव वालों ने जैसे ही लड़के की  आवाज सुनी, वे लाठी-डंडों के साथ भागकर चारागाह की ओर पहुंचे और भेड़िए को ढूंढने लग गए। काफी देर ढूंढने के बाद भी उन्हें कोई भी भेड़िया नहीं मिला। गांव वालों ने लड़के की तरफ देखा, तो एक  तरफ बैठकर मंद मंद मुस्कुरा रहा था। गांव वालों की समझ में आ गया कि हमेशा की तरह इस शरारती लड़के की यह एक और शरारत है।

गांव वालों ने लड़के को प्यार से समझाया, कि झूठ बोलना अच्छी बात नहीं होती। और गांव वालों ने चरवाहे के बेटे को केवल समझा कर छोड़ दिया। लेकिन चरवाहे का बेटा अपनी इस हरकत पर बहुत खुश हो गया। उसको लगा कि गांव वालों को मूर्ख बनाना कितना आसान है? उसे इस शरारत में काफी मजा भी आया। वह यह जानता था कि अगर तुरंत वह दोबारा यही हरकत करता है तो शायद गांव वाले उसे सजा भी दे सकते हैं। इसलिए उसमें पुनः कुछ दिनों का इंतजार किया, और कुछ दिनों के बाद उसने फिर से यही हरकत दोबारा की।

इस बार भी वह भेड़िया आया भेड़िया आया चिल्लाते हुए गांव की ओर भागा और गांव के सभी लोग लाठी-डंडों के साथ चारागाह पर आ गए और भेड़िए को ढूंढने लग गए लेकिन काफी ढूंढने के बाद भी जब उन्हें भेड़िया नहीं मिलता है तो वह सब समझ जाते हैं कि बालक ने अपने मनोरंजन के लिए फिर से हम लोगों को बेवकूफ बनाया है। इस बार गांव वालों ने लड़के को बहुत सख्त चेतावनी देते हुए बोला कि कभी ना कभी ऐसा जरूर होगा कि भेड़िया सच में आएगा, लेकिन तुम्हारी बात पर किसी को भी यकीन नहीं होगा। लड़के ने कहा वालों की बात को एक कान से सुनो और दूसरे कान से निकाल दिया।

उस घटना के कुछ दिनों के बाद  जिस बात का डर था वह सच में हो गया। इस बार सच में भेड़िया आ ही गया। वह बालक घबराहट में पूरी ताकत से गांव की ओर भागा। भागते हुए वह भेड़िया आया भेड़िया आया चिल्लाता रहा। लेकिन इस बार गांव वालों को ऐसा लगा कि यह लड़का हमेशा की तरह उन्हें बेवकूफ ही बना रहा है। अतः इस बार गांव वालों ने लड़के की बातों पर ध्यान नहीं दिया और वह सामान्य रूप से अपना कार्य करते रहें। वहीं दूसरी ओर भेड़िया आराम से जानवरों का शिकार करता रहा। और सभी जानवरों को खा गया। 

भेड़िया आने की जगह से भाग जाने के कारण उसकी जान तो बच गई, लेकिन वह अपने किसी भी जानवर को नहीं बचा पाया। और वह रोता रहा, और रोता रहा।  उसे अपनी गलती समझ में आ चुकी थी। इस बार गांव वालों ने उसे कुछ नहीं कहा, बल्कि उसमें गांव में सभी के पास जाकर माफी  मांगी, और भरोसा दिलाया, कि भविष्य में वह हमेशा सच बोलेगा। 

Moral of the The Shepherd Boy and the Wolf story : अगर आप झूठ बोलते रहते हैं, तो कोई भी आपको सच बोलने पर भी विश्वास नहीं करेगा। हमेशा सत्य बोलो।

The Shepherd Boy and the Wolf: भेड़िया आया की कहानी।


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