क्या आप अपने नाम व फोटो के साथ यहां कहानी प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

Tenali Raman Stories in Hindi Farmer And Moneylender

by | Mar 8, 2020 | Tenali Raman Stories in Hindi

इस हिंदी कहानी को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें (Share This Hindi Story With Your Friends Now)

Tenali Raman Stories in Hindi Farmer And Moneylender

Tenali Raman Stories in Hindi Farmer And Moneylender : एक बार की बात है एक किसान ने  साहूकार से उसी की जमीन पर बना हुआ एक कुआं खरीदा था। कि वह अपने खेतों को अच्छे से   पानी दे सके।  अगले दिन जब किसान उस कुए से पानी निकालने लगा तो साहूकार वहां आ गया,  और कहने लगा कि मैंने तुम्हें सिर्फ कुआं बेचा है, उसका पानी नहीं। इसलिए तुम इसके पानी का उपयोग नहीं कर सकते।  किसान बहुत गरीब था, ऐसा सुनकर वह बहुत घबरा गया और उसने साहूकार को बहुत समझाने की कोशिश की परंतु  वह नहीं माना।

किसान के पास कोई भी चारा नहीं बचा था, इसलिए वह राजा कृष्णदेव राय के दरबार में गया और उसने राजा कृष्णदेव राय से  साहूकार की बात बताई और न्याय की गुहार लगाई।

राजा कृष्णदेव राय ने यह कार्य तेनाली को सौंपा।

अगले दिन तेनाली किसान को लेकर उसके कुए पर पहुंचा और पानी निकालने लगा। यह देख कर साहूकार ने कहा यह क्या कर रहे हो? ‘तेनाली मैंने इस किसान को सिर्फ कुआं बेचा है उसका पानी नहीं यदि यह पानी इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे उसका पैसा देना होगा”।

साहूकार की बात सुनकर तेनाली ने कहा,  “अगर आपने किसान को सिर्फ  कुआं बेचा है तो आप कुएं से अपना सारा पानी निकाल  लीजिए, अन्यथा किसान को उसके कुएं में अपना पानी रखने का भुगतान कीजिए।

तेनाली की बात सुनकर  साहूकार समझ गया कि अब उसकी कोई भी चाल काम नहीं आएगी।  साहूकार अपनी बात से शर्मिंदा हुआ और उसने तेनाली से माफी मांगी।

इस तरीके से तेनाली ने बहुत ही सरलता से इस मामले को सुलझा दिया था। राजा कृष्णदेव राय तेनाली  इस बात से बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने उसे उचित इनाम भी दिया।

Tenali Raman Stories in Hindi Farmer And Moneylender


कैसे हो दोस्तों। आपको यह Tenali Raman Stories in Hindi Farmer And Moneylender कहानी कैसी लगी? उम्मीद है आपने इस कहानी को खूब enjoy किया होगा। अब एक छोटा सा काम आपके लिए भी, अगर यह कहानी आपको अच्छी लगी हो तो सोशल मीडिया जैसे Facebook, Twitter, LinkedIn, WhatsApp (फेसबुक टि्वटर लिंकडइन इंस्टाग्राम व्हाट्सएप) आदि पर यह कहानी को खूब शेयर करिए।

इसके अलावा और कहानियां पढ़ने के लिए  यहां क्लिक करें  Tenali Raman Stories in Hindi

धन्यवाद…

इस हिंदी कहानी को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें (Share This Hindi Story With Your Friends Now)

आवश्यक सूचना – Become A Storyteller  

हेलो दोस्तों, आप सभी के लिए एक अच्छी खुशखबरी है। अगर आपको कहानियां लिखना पसंद है तो आप हमें अपनी हिंदी कहानियां हमारी मेल आईडी hello@moralstoriesinhindi.net पर भेज सकते हैं। हम आपकी कहानियों को आपकी फोटो और और एक Introduction के साथ अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करेंगे। तो अब देरी किस बात की हमें आपकी कहानियों का इंतजार है।

Note: 

1 – हम केवल हिंदी भाषा में ही कहानियों को प्रकाशित करते हैं, तो किसी अन्य भाषा में कहानी ना भेजें। 

2- हम केवल और केवल नैतिक,उत्साहवर्धन करने वाली कहानियां ही प्रकाशित करते हैं जिन्हें परिवार के साथ पढ़ा जा सके। अतः किसी भी प्रकार का अश्लील साहित्य ना भेजें।

3- कहानी अपने शब्दों में ही भेजें कहीं से कॉपी पेस्ट करके ना भेजें। यदि आप केवल कॉपी पेस्ट करके हमें कहानियां भेजेंगे, तो हम उन्हें प्रकाशित नहीं कर पाएंगे। हां उन्हें कहानियों को आप अपने शब्दों में दोबारा लिखकर भेजेंगे तो हम उन्हें अवश्य ही प्रकाशित करेंगे।

Tenali Raman Stories in Hindi The Thieves And The Well

Tenali Raman Stories in Hindi The Thieves And The Well

Tenali Raman Stories in Hindi The Thieves And The Well Tenali Raman Stories in Hindi The Thieves And The Well : तेनाली रामाकृष्ण  राजा कृष्णदेव राय के  के बहुत अच्छे सलाहकार थे वह अपने चतुराई और मजाकिया मजाक के कारण बहुत   लोकप्रिय है।  राजा कृष्णदेव राय की कहानियों...

read more
Tenali Raman Stories in Hindi The Greedy Brahmins

Tenali Raman Stories in Hindi The Greedy Brahmins

Tenali Raman Stories in Hindi The Greedy Brahmins Tenali Raman Stories in Hindi The Greedy Brahmins : राजा कृष्णदेवराय की माता जी बहुत धार्मिक  स्वभाव की थीं। एक दिन  उन्होंने अपने पुत्र राजा कृष्णदेव राय को बताया कि वह पके हुए आम खाना  चाहती है।  अगली सुबह राजा ने ...

read more
Lok Kathaye One Mistake

Lok Kathaye One Mistake

Lok Kathaye One Mistake Lok Kathaye One Mistake : महाराज कृष्णदेव राय का दरबार सजा हुआ था। सदा की भाँति तेनालीराम भी अपने आसन पर बैठे थे। वैसे तो महाराज कृष्णदेव राय के दरबार में  बहुत से योग्य  व्यक्ति थे। वे स्वयं एक कवि थे। उन्होंने संस्कृत में कई ग्रंथ भी लिखे थे,...

read more

0 Comments

Submit a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advt

Advt

Pin It on Pinterest

Shares
Share This

Share This

Share this post with your friends!